क्या ? ...
गंगा घाटों पर है भगवान ?
या पत्थरों में है भगवान ?
नींद, चैन-सुकून में है भगवान ?
या बेजुबानों में है भगवान ?
मन्दिरों में है भगवान ?
या श्मशानों में है भगवान ?
किंकर्तव्यविमूढ़ ! ...
दुधमुँहे के
दुग्धपानों में है भगवान ?
या नौ माह तक गर्भ सम्भाल,
प्रसव पीड़ा को झेल,
जन्म देने वाली
माँ ही है भगवान ?
तो फिर ..
नौ माह ना सही,
नौ सप्ताह तक ही
गर्भ संभालने वाली
श्वान माँओं (कुत्तियों) में भी तो
होते ही होंगे ना भगवान ?
है ना ? ...
(उपरोक्त वीडियो में बतकही से संबद्ध चित्रों / दृश्यों का समावेश है।)
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(https://www.instagram.com/reel/DXSAbqbEpWb/?igsh=MjhjM2RxdTh3bmds)
