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Thursday, November 26, 2020

कागभगोड़े

सदियों से हो मौन खड़े और कहीं बैठे ,

कँगूरे वाले ऊँचे-ऊँचे भवनों के भीतर ,

पर देखो नीले आसमान के नीचे खड़े 

कागभगोड़े भी हैं तुझ से कहीं बेहतर।

मौन हो भी कमोबेश करते  हैं जो रक्षा,

फटकते पास नहीं फ़सलों के नभचर।


आते जो खुले आसमान तले तुम भी ,

करने कुछ चमत्कार बस यूँ ही ... ताकि ..

होती मानव नस्लों की फसलों की रक्षा ,

होता हरेक दुराचारी का दुष्कर्म दुष्कर।

प्रभु ! तभी तो कहला पाते तुम .. शायद ...

मौन कागभगोड़े से भी बेहतर मौन ईश्वर ...


【 कागभगोड़ा - बिजूका / Scarecrow. 】