न्यूटन के गति का तीसरा नियम ग़लत साबित होने का एक अन्य उदाहरण .. एक तरफ़ .. जिन मशहूर शायर के मुशायरों में हज़ारों की तादाद में लोग शरीक हुआ करते थे। जिनके शेरों और नज़्मों को सुनकर लाखों लोगों के मुँह से वाहवाही निकला करती थी या यूँ कहें कि आज भी निकला करती हैं, वहीं .. दूसरी तरफ़ .. उपलब्ध समाचारों के अनुसार .. उन्हीं के जनाज़े और सुपुर्द-ए-ख़ाक में उनके परिवार के सदस्य, कुछ क़रीबी रिश्तेदारों, भोपाल के स्थानीय साहित्यकारों और पत्रकारों सहित बमुश्किल केवल लगभग बीस से तीस लोग ही शामिल हो पाए थे।
उनके जनाज़े में उनके छोटे बेटे तैयब बद्र नज़र आए, जो प्रायः आधुनिक 'सोशल मीडिया' के कई 'प्लेटफॉर्म्स' पर बशीर बद्र जी के बारे में, विशेष तौर पर नयी पीढिय़ों को, जानकारी उपलब्ध कराते रहते हैं।
उनके बड़े बेटे नुसरत बद्र का जनाज़े में शामिल ना होना कोई अचरज वाली बात नहीं थी, क्योंकि उनका इंतिक़ाल लगभग छः वर्ष पहले ही हो चुका है।
उनके बड़े बेटे नुसरत बद्र एक प्रसिद्ध गीतकार थे, जिन्होंने सौ से ज़्यादा फिल्मों में लगभग आठ सौ से ज़्यादा गाने लिखे थे। शाहरुख़ खान वाली देवदास फ़िल्म के गीत- "मन डोला रे, डोला" के लिए वर्ष 2002 के सर्वश्रेष्ठ गीतकार के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार हेतु उन्हें नामांकित किया गया था।
वर्ष 2003 में लोकप्रिय गायक अभिजीत भट्टाचार्य के "तेरे बिना" नामक एक बहुत ही मशहूर 'म्यूजिक एल्बम' के कुल आठ गाने नुसरत बद्र ने ही लिखे थे। जिन आठ गीतों में "कभी यादों में आऊँ ~~~" और "चलने लगी हैं हवाएँ ~~~" लोगों के बीच अत्यधिक कर्णप्रिय और लोकप्रिय हैं।
इस प्रकार "नये मौसमों का पता" तलाशने वाले मुसाफ़िर अपने घर का पता मेरठ से भोपाल बदलते-बदलते एक अंजान पता की ओर प्रस्थान कर गए और .. छोड़ गए अपनी संवेदनशील रचनाओं की अनगिनत अनमोल थाती .. शायद ...
और लेखक प्रसून जोशी ने कहा, कि बशीर बद्र ने आम ज़िन्दगी को जिस ख़ूबसूरती से शायरी में पिरोया, वह केवल वही कर सकते थे। उनके शेर इतने लोकप्रिय थे, कि ट्रकों के पीछे भी लिखे दिखाई देते थे। ऐसा बहुत कम लोगों के साथ होता है। प्रसून जोशी ने बशीर बद्र की याद में एक भावुक कविता भी सुनाई है, जिसकी सबसे ख़ास पंक्तियाँ हैं -
“सुने तू बैठ कर मुझको, नहीं ऐसी तमन्ना है।
मैं हूँ ट्रक पर लिखा एक शेर, तू मुझको गुज़रने दे।”
चलते-चलते .. बशीर बद्र जी की एक ग़ज़ल जगजीत सिंह जी की आवाज़ में सुनते हैं, मानों वह हम सभी से बोल रहे हों, कि -
" मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो, मेरी तरह तुम भी झूठे हो ! "
.. बस यूँ ही ...
( सभी चित्र व वीडियो क्रमशः गूगल व यूट्यूब के सौजन्य से.)🙏





