Sunday, June 14, 2026

"पंचम वेद ... (७)_ पिरामिड ... !"

"पंचम वेद ...", "पंचम वेद ... (२)_अ नेशन विदाउट वुमन !""पंचम वेद ... (३)_आक्रोश !", "पंचम वेद ... (४-अ)_ 'प्रोपेगैंडा' !", "पंचम वेद ... (४-ब)_ 'प्रोपेगैंडा' !", "पंचम वेद ... (५)_सोलह सोमवार का व्रत" और "पंचम वेद ... (६)_क, ख, ग से BPL कार्ड तक ... !" के बाद आज उसकी अगली कड़ी .. "पंचम वेद ... (७)_ पिरामिड ... !" .. आप सभी के सामने। क्योंकि .. " 'पिक्चर' अभी बाक़ी है मेरे दोस्त " ...






आज की बतकही आरम्भ करने से पहले प्रसंगवश हम आपस में उत्तराखंड के हरिद्वार की बातें कर लेते हैं। आप में से कुछ लोग वहाँ गए भी होंगे और हिंदू होने के नाते मरणोपरांत अपने लिए स्वर्ग की कामना किए हुए, गंगा में डुबकी भी लगायी होगी .. वो भी हर की पौड़ी यानी हरि की पौड़ी पर .. कुछ ने तो गंगधार में अपनों की अवशेष अस्थियों का विसर्जन किया होगा और कुछ ने अपने बच्चों के मुंडन कराए होंगे .. है ना ?


हिंदू होने के नाते जो लोग हरिद्वार जाते हैं, तो उनमें से प्रायः अधिकांशतः लोग हर की पौड़ी पर डुबकी लगा कर ही अपने आप को धन्य समझते हैं। हमारे भी परिवार के सदस्यों या देहरादून में हमारे यहाँ आने वाले आगंतुकों या रिश्तेदारों (?) की भी यही कामना और प्राथमिकता भी रहती है। तनिक अधिक हुआ तो .. 'रोपवे' यानी उड़नखटोले की 'कॉम्बो टिकट' कटा कर शिवालिक पहाड़ियों के बिल्वा पर्वत पर स्थित मनसा देवी मन्दिर और नील पर्वत की चोटी पर स्थित चंडी देवी मन्दिर तक की दूरी को भी नापने का पुनीत कार्य करके हम प्रायः हरिद्वार की तीर्थ यात्रा की इतिश्री मान लेते हैं।


साथ ही .. अगर स्थान विशेष के व्यंजनों को चखने का भी शौक़ पालते हैं, तो स्नान-ध्यान (?) करने के पश्चात वहाँ की कुछ प्रसिद्ध दुकानों की सब्जी-पुड़ियों या समोसे-कचौड़ियों को थर्मोकोल या 'प्लास्टिक' के 'प्लेट' या फिर मालू के पत्ते पर खा लेते हैं। यदि गूगल पर 'सर्च' करके खाने के शौक़ीन हैं, तो किसी प्रसिद्ध दुकान से कांजी-बड़ा खा कर और लस्सी भी पी कर तृप्त हो लेते हैं।






जबकि हरिद्वार के रेलवे स्टेशन से लगभग चार किलोमीटर और हर की पौड़ी से लगभग साढ़े छः किलोमीटर की दूरी पर ही ऐतिहासिक और पौराणिक उपनगर कनखल में प्राचीन धार्मिक व आध्यात्मिक हरिद्वार बसता है। जो प्राचीन मन्दिरों, स्वच्छ घाटों, साधु-संतों के आश्रमों और शांतिपूर्ण माहौल के कारण जानकार लोगों को आज भी आकर्षित करता है। कनखल को हिन्दू धर्म के प्राचीन "पंच तीर्थों" में से एक माना जाता है। यहाँ के घाटों पर भी हिंदुओं द्वारा मुंडन, पिंडदान, तर्पण और अस्थि विसर्जन जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।







यहाँ गंगा तट पर एक रमणीक घाट- राज घाट स्थित है। राज घाट के पास ही दक्ष घाट पर कनखल का सबसे प्रसिद्ध दक्षेश्वर महादेव मन्दिर है, जहाँ पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा दक्ष ने यज्ञ किया था और माता सती ने हवन कुंड में अपने प्राण त्यागे थे। कनखल क्षेत्र में ही माँ आनंदमयी आश्रम, सती कुंड और रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम जैसे अनेक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र हैं, जहाँ देश-विदेश से श्रद्धालुगण आते रहते हैं। यहाँ के घाटों पर श्रद्धालुओं द्वारा गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों को भी सुबह-शाम के शांत और आध्यात्मिकता से भरे वातावरण के कारण यहाँ बहुत ही शांति और सुकून मिलते हैं।


यहीं बैरागी कैंप के पास सती घाट पर श्री पालीमारु मठ यानी श्री हनुमान मन्दिर या बड़े हनुमान मन्दिर है। जहाँ भगवान हनुमान की काले रंग की एकल शिला (Single Stone) से बनी बत्तीस फ़ीट ऊँची विशाल प्रतिमा स्थापित है। 










राजघाट पर स्थित राधा कृष्ण मन्दिर भी अपने शांत और आध्यात्मिक वातावरणयुक्त परिसर एवं घाट के सुन्दर परिदृश्ययों के लिए भी प्रसिद्ध है। जो प्राप्त जानकारियों के अनुसार लगभग तीन सौ साल पुराना है। जहाँ पर किंवदंतियों के अनुसार शिव राधा के रूप में और पार्वती कृष्ण के रूप में विराजमान हैं।


हालांकि हरिद्वार में ही हर की पौड़ी से लगभग छः किलोमीटर की दूरी पर शांतिकुंज गायत्री परिवार आश्रम और लगभग पाँच किलोमीटर दूर भारत माता मन्दिर है, जो लगभग एक सौ आठ फीट ऊँचा आठ मंजिला मन्दिर है। जो किसी देवी-देवता से सम्बन्धित ना होकर अपने देश को .. अपनी भारत माता को समर्पित है। 







साथ ही हर की पौड़ी से भीमगोड़ा 'बैराज' होते हुए लगभग बारह किलोमीटर दूर चिल्ला 'डैम' (बाँध) है, जहाँ राजाजी जैविक उद्यान में जंगल 'सफ़ारी' की भी सुविधा है। 


ख़ैर ! .. फ़िलहाल आज की मूल बतकही की ओर प्रस्थान करते हैं और .. कनखल के राजघाट पर स्थित उपरोक्त राधा कृष्ण मन्दिर पर ध्यान केन्द्रित करते हैं, जहाँ आज की चर्चा में शामिल सात 'एपिसोड्स' वाले 'वेब सीरीज़' के एक दृश्य की गत वर्ष 'शूटिंग' हुई थी। यह 'वेब सीरीज़' टीवीएफ (TVF-The Viral Fever ) द्वारा निर्मित है। अमेज़न प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर इसी 5 जून, शुक्रवार को प्रदर्शित हुई है।

इस 'वेब सीरीज़' के निर्देशक द्वय हैं- श्रेयांश पांडे और आशीष आर. शुक्ला और प्रमुख कलाकार हैं- परमवीर सिंह चीमा, रणवीर शौरी, शेखर सुमन, अंजन श्रीवास्तव, अखिलेंद्र मिश्रा, आशीष राघव, रवि बहल, अल्फिया जाफ़री, स्मिता बंसल, सोनल झा, किरणदीप शर्मा, इंद्रेश मलिक, सुशांत सिंह, विजय कुमार, भूपेश सिंह,  सदानंद पाटिल, दुर्गेश कुमार, निश्चय यादव, शक्ति कुमार इत्यादि और .. .. मैं, सुबोध सिन्हा, भी हूँ इसका एक छोटा-सा हिस्सा भर .. बस यूँ ही ...

गत वर्ष इसके अधिकांश हिस्से की 'शूटिंग' हरिद्वार और ऋषिकेश में हुई थी। कथानक के अनुसार विशेष रूप से हरिद्वार में 'शूटिंग' हुई थी। इसके कुछ 'एपिसोड्स' में कुछ दृश्य दिल्ली और थाईलैंड के भी हैं।


यह 'वेब सीरीज़' एक महत्वाकांक्षी युवा गोल्डी (परमवीर सिंह चीमा) की कहानी है, जो रातोंरात अमीर बनने के चक्कर में 'जंबोलाइफ' (JumboLife) नामक एक 'मल्टी-लेवल मार्केटिंग' (MLM) 'स्कैम' में फंस जाता है। इस दलदल में फंसने के बाद उसका जीवन और उसके सारे रिश्ते नियंत्रण से बाहर हो जाते हैं। यह कहानी लालच, सपनों और ग़लत फ़ैसलों की है, जो अमूमन आम लोगों की ज़िन्दगी को बर्बाद कर देते हैं। 

तरुण बजाज (शेखर सुमन) और दलजीत (रवि बहल) जैसे तथाकथित 'फाउंडर डायमंड्स' यानी जंबोलाइफ कम्पनी के मुखिया हैं, जो लोगों को ज़ल्दी अमीर बनने का लालच देकर अपने मकड़जाल में फंसाते हैं। गोल्डी (परमवीर सिंह चीमा) और मनोज श्रीवास्तव उर्फ़ श्रीवास्तव जी (रणवीर शौरी) अपनी आर्थिक तंगी से बाहर निकलना चाहते हैं और 'जंबोलाइफ' के मकड़जाल में फंस कर छः महीने में 'हेलीकॉप्टर' मिलने जैसे बड़े सपने देखने लग जाते हैं। 

लेकिन जब गोल्डी को इसमें अपनी जमा-पूँजी गँवानी पड़ती है, तो कर्जदारों से बचने और अपना पैसा निकालने के लिए वह अपने ही दोस्तों और रिश्तेदारों को इस 'स्कीम' में या यूँ कहें कि 'स्कैम' में फंसाने के लिए मज़बूर हो जाता है।


इस 'वेब सीरीज़' का नाम है- "द पिरामिड स्कीम" (The Pyramid Scheme), जो लोगों को रातोंरात अमीर बनाने के झूठे वादे और लालच के इर्द-गिर्द घूमती हुई एक सच्ची घटना पर आधारित है।

दरअसल 'पिरामिड स्कीम' एक धोखाधड़ी वाला व्यापारिक 'मॉडल' है। यह टिकाऊ नहीं होता है, क्योंकि एक समय के बाद दुनिया में इतने लोग नहीं बचते कि उन्हें नीचे जोड़ा जा सके। यही कारण है, कि दुनिया भर के अधिकांश देशों में इसे ग़ैर कानूनी घोषित कर दिया गया है। 

यह एक पदानुक्रमित संरचना (Hierarchical Model) है, जहाँ असली उत्पादों को बेचने के बदले, नए सदस्यों को जोड़ने (Recruiting) पर ज़ोर दिया जाता है। हर नए सदस्य की सदस्यता शुल्क से ऊपर वालों को 'कमीशन' मिलता रहता है। जिससे सबसे ऊपर एक, उसके नीचे चार-चार, फिर उन चार के नीचे चार-चार, फिर उन चार-चार के नीचे चार- चार, क्रमशः ... और .. इस तरह एक 'पिरामिड' बन जाता है। 


इस 'वेब सीरीज़' के कुछ संवाद (Dialogues) काफ़ी पैने और असरकारक हैं। मसलन -

(१) जो 'इमेजिन' (Imagine) कर सकता है, वो 'मैजिक' (Magic) कर सकता है।

(२) परिवार में .. सब साथ थे, पर कोई साथ नहीं देता था।

(३) याद रखें, जो आपको 'सक्सेस' (Success) तक पहुँचने में मदद करे, वही आपका परिवार है।

(४) वर्ना .. जो आपके सगे हैं, वो आपके अपने भी हों, ये ज़रूरी नहीं।

(५) ग़रीब होना पाप है। फिर हम ग़रीब क्या हुए ? .. पापी ?

(६) रिश्ते कुछ नहीं माँगते, बस थोड़ा-सा वक्त ही तो माँगते हैं।

(७) पानी से जो नहाता है, वो लिबास बदलता है

और जो पसीना से नहाता है वो इतिहास बदलता है।



















कथानक के अनुसार मुख्य पात्र गोल्डी (परमवीर सिंह चीमा) व रेणु के विवाह वाला विशेष दृश्य हरिद्वार के उपरोक्त राज घाट नामक गंगा तट पर अवस्थित राधा कृष्ण मन्दिर के परिसर में फिल्माया गया था।



जहाँ वर पक्ष की ओर से गोल्डी के विधुर दादा जी यानी जगदीश्वर चौहान उर्फ़ गब्बर, जिन्हें सभी "बाबू" से सम्बोधित करते हैं, की भूमिका में वरिष्ठ कलाकार अंजन श्रीवास्तव जी दिखते हैं। उन्हीं के साथ कन्या पक्ष की तरफ़ से रेणु के पिता की एक छोटी-सी भूमिका में मैं दिखता हूँ। अंजन श्रीवास्तव जी के साथ मेरा आपसी संवाद वाला एक दृश्य है। उसी दिन, उसी 'लोकेशन' पर शेखर सुमन और अखिलेंद्र मिश्रा की भी 'शूटिंग' हुई थी। ये सारे दृश्य 'वेब सीरीज़' के किस 'एपिसोड' में और कब प्रदर्शित किए गए हैं, ये तो आपको "द पिरामिड स्कीम" (The Pyramid Scheme) नामक रोमांचक 'वेब सीरीज़' को अमेज़न प्राइम वीडियो पर देखने के बाद ही मालूम हो पाएगा।







फ़िलहाल .. पुनः उसी 'डायलॉग' .. " 'पिक्चर' अभी बाक़ी है मेरे दोस्त। ", के आधार पर .. शेष बातें जल्द ही .. इसकी अगली कड़ी - "पंचम वेद ... (७)_ नदी के पार ... !" के साथ .. बस यूँ ही ...




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