Saturday, February 20, 2021

मन का व्याकरण ...

शुक्र है कि 

होता नहीं

कोई व्याकरण

और ना ही 

होती है 

कोई वर्तनी ,

भाषा में

नयनों वाली

दो प्रेमियों की 

वर्ना .. 

सुधारने में ही

व्याकरण 

और वर्तनी ,

हो जाता 

ग़ुम प्यार कहीं .. शायद ...


कभी भी 

कारण भूख के 

ठुनकते ही

किसी भी

अबोध के ,

कराने में फ़ौरन 

स्तनपान या

सामान्य 

दुग्धपान में भी

भला कहाँ

होता है 

कोई व्याकरण

या फिर

होती है 

कोई भी वर्तनी .. शायद ...


व्याकरण और

वर्तनी का

सलीका 

होता नहीं

कोई भी ,

टुटपुँजिया-सा

सड़क छाप 

किसी आवारा 

कुत्ते में या 

विदेशी मँहगी 

नस्लों वाले

पालतू कुत्ते में भी ,

तब भी तो होती नहीं 

कम तनिक भी

वफ़ादारी उनकी .. शायद ...


काश ! कि ..

गढ़ पाते जो 

कभी हम

व्याकरण

मन का कोई

और पाते

कभी जो

सुधार हम

वर्तनी भी

वफ़ादारी की ,

किसी ज़ुमले या

जुबान की जगह ,

तो मिट ही जाता

ज़ख़ीरा ज़ुल्मों का

जहान में कहीं .. शायद ... 



18 comments:

  1. जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना आज शनिवार 20 फरवरी 2021 को साझा की गई है......... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन " पर आप भी सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद! ,

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    1. जी ! नमन संग आभार आपका ...

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    1. जी ! नमन संग आभार आपका ...

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  3. सच है जिंदगी व्याकरण से नहीं चलती '
    बहुत अच्छी प्रस्तुति

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    1. जी ! नमन संग आभार आपका ...

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  4. बहुत सुन्दर व अलहदा सृजन।

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    1. जी ! नमन संग आभार आपका ...

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  5. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (22-02-2021) को "शीतल झरना झरे प्रीत का"   (चर्चा अंक- 3985)    पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
     आप अन्य सामाजिक साइटों के अतिरिक्त दिल खोलकर दूसरों के ब्लॉगों पर भी अपनी टिप्पणी दीजिए। जिससे कि ब्लॉगों को जीवित रखा जा सके।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
    --

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    1. जी ! नमन संग आभार आपका ...

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  6. सहज और सरल जिंदगी में व्याकरण कब लिए कोई जगह नहीं होती। बहुत सुंदर रचना।

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    1. जी ! नमन संग आभार आपका ...

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  7. वाह , सहज जीवन मे किसी व्याकरण या वर्तनी की ज़रूरत नहीं । अद्भुत विचार ।

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    1. जी ! नमन संग आभार आपका ...

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  8. बहुत सुंदर रचना

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    1. जी ! नमन संग आभार आपका ...

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    1. जी ! नमन संग आभार आपका ...

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