बंजारा बस्ती के बाशिंदे
Wednesday, January 14, 2026

'एस फॉर सन' ...

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कहते थे बचपन में अम्मा-बाबू जी  कि उगता है सूरज पूरब से और डूबता पश्चिम में। ऐसा ही था तब दिखता भी, ऐसा ही था कुछ लगता भी। फिर आयी बारी अपने...
Sunday, January 11, 2026

जगराता ...

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सुबह लगभग सवा पाँच बजे पटना के गाँधी मैदान में सुबह की सैर के लिए हर आयु वर्ग के लोगों के आने-जाने से पनपी चहल-पहल में से ही एक व्यक्ति .. ल...
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Thursday, January 8, 2026

बूँदों का बतंगड़ ...

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देखा है मैने एक सपना, या कि .. की है एक कल्पना,  कि हो .. पास हमारे झरने का ग़ुलगपाड़ा,  चेहरे पे हों हमारे बूँदों का बतंगड़। हों दूर तक पर्वत...
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Monday, January 5, 2026

'इत्यादि' का इत्यादि ...

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क्या ... राजेश जोशी की कविता 'इत्यादि' का इत्यादि हूँ मैं ? या फिर .. गोरों के लिए काले पानी वाली तेज़ाबी आँधी हूँ मैं ? या .. आज़ाद...
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Saturday, January 3, 2026

विह्वल कुतिया

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https://www.instagram.com/banjaara_basti_ke_vashinde?igsh=bm91bnljMDAxMml6 .
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Thursday, December 11, 2025

आखि़र में है लिखा नाम उस फ़ेहरिस्त के ...

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अभी-अभी आज ही रविवारीय सुबह हमने, उठायी है एक पर्ची 'स्टडी टेबल' से अपनी। लिखीं हैं जिस पर एक लम्बी-सी फ़ेहरिस्त, जाग कर देर रात तक ...
Thursday, December 4, 2025

'सायरन' वाली गाड़ी

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आज तड़के सुबह सक्सेना जी के पड़ोस में रहने वाले पैंसठ वर्षीय वर्मा जी स्वर्ग सिधार गए हैं। तभी से ही मुहल्ले भर में उनके घर से लगातार ज़ोर-ज़ो...
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Subodh Sinha
आम नागरिक, एक इंसान बनने की कोशिश
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